Skip to main content

सांख्य दर्शन में वर्णित 25 तत्व pdf Download

 

सांख्य दर्शन में वर्णित 25 तत्व

सांख्य दर्शन के प्रणेता महर्षि कपिल है यहाँ पर सांख्य शब्द का अर्थ ज्ञान के अर्थ में लिया गया सांख्य दर्शन में प्रकृति पुरूष सृष्टि क्रम बन्धनों मोक्ष कार्य - कारण सिद्धान्त का सविस्तार वर्णन किया गया है इसका संक्षेप में वर्णन इस प्रकार है।


1. प्रकृति-  सांख्य दर्शन में प्रकृति को त्रिगुण अर्थात सत्व, रज, तम तीन गुणों के सम्मिलित रूप को त्रिगुण की संज्ञा दी गयी है। सांख्य दर्शन में इन तीन गुणो कों सूक्ष्म तथा अतेनद्रिय माना गया सत्व गुणो का कार्य सुख रजोगुण का कार्य लोभ बताया गया सत्व गुण स्वच्छता एवं ज्ञान का प्रतीक है यह गुण उर्ध्वगमन करने वाला है। इसकी प्रबलता से पुरूष में सरलता प्रीति,अदा,सन्तोष एवं विवेक के सुखद भावो की उत्पत्ति होती है।
  
रजोगुण दुःख अथवा अशान्ति का प्रतीक है इसकी प्रबलता से पुरूष में मान, मद, वेष तथा क्रोध भाव उत्पन्न होते है।
  
तमोगुण दुख एवं अशान्ति का प्रतीक है यह गुण अधोगमन करने वाला है तथा इसकी प्रबलता से मोह की उत्पत्ति होती है इस मोह से पुरूष में निद्रा, प्रसाद, आलस्य, मुर्छा, अकर्मण्यता अथवा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते है साँख्य दर्शन के अनुसार ये तीन गुण एक दूसरे के विरोधी है सत्व गुण स्वच्छता एवं ज्ञान का प्रतीक है तो वही तमो गुण अज्ञानता एवं अंधकार का प्रतीक है रजो गुण दुख का प्रतीक है तो सत्व गुण सुख का प्रतीक है परन्तु आपस मे विरोधी होने के उपरान्त भी ये तीनों गुण प्रकृति में एक साथ पाये जाते है साँख्य दर्शन में इसके लिए तेल बत्ती दीपक तीनो विभिन् तत्व होने के उपरान्त भी एक साथ मिलकर प्रकाश उत्पन्न करते है ठीक उसी प्रकार ये तीन गुण आपस मे मिलकर प्रकृति में बने रहते है।
2. पुरूष- सांख्य दर्शन प्रकृति और पुरूष की स्वतन्त्र सत्ता पर प्रकाश डालता है प्रकृति जड एवं पुरूष चेतन है। यह प्रकृति सर्म्पूण जगत को उत्पन्न करने वाली है, पुरूष चेतन्य है परम तत्व आत्मा तत्व है, यह पुरूष समस्त ज्ञान एवं अनुभव को प्राप्त करता है प्रकृति एवं प्राकृतिक पदार्थ जड होने के कारण स्वयं अपना उपभोग नहीं कर सकते इनका उपभोग करने वाला यह पुरूष है, प्रकृति के पदार्थ इस पुरूष में सुख दुख की उत्पत्ति करते है। जब इस पुरूष को ये पदार्थ प्राप्त होते है तब यह सुख का अनुभव करता है परन्तु जब ये पदार्थ दूर होते है तब यह पुरूष दुःख की अनुभूति करता है। साँख्य दर्शन उन आध्यात्मिक स्वभाव के ज्ञानी पुरूषों पर भी प्रकाश डालता है जो सदैव इन दुःखों से परे रहकर मोक्ष की इच्छा करते है
3. सृष्टि क्रम- साँख्य दर्शन में सृष्टि क्रम पर प्रकाश डाला गया है तथा प्रकृति से सर्वप्रथम महत् तत्व अथवा बुद्धि की उत्पत्ति, तत्पश्चात अहंकार की उत्पत्ति एवं सात्विक, राजसिक एवं तामसिक अहंकार के रूप में अहंकारो के तीन भेद करते हुए सात्विक अहंकार से मन की उत्पत्ति के क्रम को समझाया गया।
इसी से ही 5 ज्ञानेन्द्रियों एवं 5 कर्मेन्द्रियाँ की उत्पत्ति को तथा अहंकार के तामसिक भाग से पचं तन्मात्राओं एवं पचं महाभूतो की उत्पत्ति को समझाया गया है। इस प्रकार 24 तत्वों के साथ 25 वे तत्व के रूप में पुरूष तत्व को समझाया गया है। सांख्य दर्शन में वर्णित सृष्टि क्रम को इस प्रकार समझा जा सकता है।

                                        सांख्य दर्शन में वर्णित 25 तत्व
                                                    
पुरूष+ प्रकृति
                                                    
महत् या बुद्धि
                                                      
अहंकार
      (
सात्विक)                              (राजसिक)                        (तामसिक)
    5
ज्ञानेन्द्रिय                                   x                                 5 तन्मात्रा

(आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा)                 (शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध)
    5
कमेन्द्रिय                                                                        5 महाभूत

(मुंह, हाथ, लिंग, गुदा, पैर)                     ( आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी)
        1
मन


4- बंधन एवं मोक्ष- सांख्य दर्शन के अनुसार अज्ञानता के कारण पुरूष बंधन में बंध जाता है जबकि यह पुरूष ज्ञान के द्वारा मोक्ष को प्राप्त करता है बंधन में बंधा हुआ पुरूष आध्यात्मिक, आधिभौतिक एवं आधिदैविक दुःखों से ग्रस्त्र रहता है मैं और मेरे भाव से युक्त होकर पुरूष इस बंधन में फस जाता है, परन्तु जब पुरूष का विवेक ज्ञान जाग्रत होता है ज्ञानरूपी प्रकाश से जब उसका अज्ञानतारूपी अन्धकार समाप्त हो जाता है। इस अवस्था में वह विशुद्ध चैतन्य (परमात्मा) का स्वरूप ग्रहण करने लगता है इसे ही मुक्ति एवं कैवल्य की संज्ञा दी गयी है।

सांख्य दर्शन में योग का स्वरूप-

योग का अर्थ परमतत्व (परमात्मा ) को प्राप्त करना है इसलिए दर्शनों में भिन्न-भिन्न मार्गों का उल्लेख किया गया है सांख्य दर्शन में पुरूष का उद्देश्य इसी परमतत्व को प्राप्त करना कहा गया है तथा परमात्मा प्राप्ति की अवस्था को मोक्ष, मुक्ति एवं कैवल्य की संज्ञा दी गयी है जिस प्रकार योग दर्शन में पंचक्लेशो का वर्णन किया गया है तथा अविद्या, अस्मिता, राग,द्वेष अभिनिवेश नामक इन पाँच क्लेशों को मुक्ति के मार्ग में बाधक माना गया है ठीक उसी प्रकार अज्ञानता को सांख्य दर्शन में मुक्ति में बाधक माना गया तथा इसके विपरित ज्ञान को साँख्य दर्शन में मुक्ति का साधन माना गया अज्ञानता के कारण मनुष्य इस प्रकृति के साथ इस प्रकार जुड जाता है कि वह स्वयं में एवं प्रकृति में भेद ना कर पाना ही इसके बंधन का कारण है सांख्य दर्शन का मत है कि यद्पि पुरूष नित्य मुक्त है अर्थात स्वतन्त्र है। परन्तु वह अज्ञानता के कारण स्वयं को अचेतन प्रकृति ये युक्त समझने लगता है इस कारण वह दुःखी होता है तथा भिन्न-भिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरता है बन्धनों से युक्त होता है किन्तु आगे चलकर जब यह पुरूष ज्ञान प्राप्त करता हो तब वह अपने स्वरूप को पहचानने में सक्षम होता है तभी वह इस बंधन से मुक्त होता है। 

यह मैं नही हूँ अर्थात मैं अचेतन विषय नही हूँ मैं जड नही हूँ, मैं अन्त: करण नही हूँ, यह मेरा नही है, मै अहंकार से रहित हूँ, मैं अहकार भी नही हूँ, जब साधक साधना के माध्यम से इस ज्ञान की प्राप्ति करता है तब से उसकी मुक्ति का मार्ग प्रशस्थ होता है तथा इसी के माध्यम सक वह कैवल्य की प्राप्ति करता है।
सांख्य दर्शन में ज्ञान के माध्यम से पुरूष का अपने स्वरूप को जानकर प्रकृति से पृथक हो जाना है कैवल्य कहा गया है। 

सांख्य दर्शन में वर्णित 25 तत्व Download PDF

Comments

Popular posts from this blog

Teaching Aptitude MCQ- UGC NET JRF Paper-1

UGC NET Paper-1 Teaching Aptitude MCQ in English, Teaching Aptitude MCQ with Answers ,  NET Paper-1 Teaching Aptitude MCQ , Teaching Aptitude MCQ for UGC NET JRF Paper-1 Q-1 - In which period is microteaching most effective for student-teachers? (1) During teaching-practice (2) After teaching-practice (3) Before teaching-practice (4) None of the above Q-2- Who is the most unnecessary factor in teaching? (1) Punishing students (2) Maintaining discipline in the class (3) Lecturing effectively (4) Drawing pictures and drawings on the blackboard Q-3- Which of the following is not an instructional material? (1) Over Head Project (2) Audio cassette (3) Printed material (4) Transparency Q-4- Which of the following statement is not correct? (1) The development of reasoning power can be done through lecture method. (2) Knowledge can be developed through lecture method (3) Interpretation method is a one-way process (4) Students are passive during lecture mode Q-5- The main objective of t...

Constipation Cause- Naturopathy Treatment for Constipation

 Constipation has become a common complaint in today's hectic lifestyle, but in elderly people this problem is more common and the problem of constipation affects seven out of every ten people. Constipation is a disease of the intestines due to which there is difficulty in defecation, Headache, restlessness, Lack of appetite, Nausea, Bad breath, Heaviness in the stomach, Mouth ulcers, insomnia and irritability.

Skin cleansing- Some easy tips to keep facial skin glowing

  When should we clean our face? The skin should be cleansed frequently or occasionally depending on its needs. It doesn't really matter when you clean: most people choose first thing in the morning and last thing at night, just because those times are convenient. Scientifically, going to bed with makeup on won't actually do any harm to your skin, but it certainly won't do your bed clothes any favors. And since makeup is much easier to remove from the face than from clothes, it would be wise to cleanse your face before going to bed. Cleansing the skin in the morning feels very refreshing. Plus, if you have to wear makeup, you'll get a better 'finish' on just-cleansed skin. How often should we clean our face? Most people do this 2-3 times a day; This is enough for normal skin. But, if your skin type is oily or if you are exposed to a lot of 'dirt' during the day, it is very important to cleanse more often. Even 4-5 times a day may be necessary. Yes, for t...

सांख्य दर्शन परिचय, सांख्य दर्शन में वर्णित 25 तत्व

सांख्य दर्शन के प्रणेता महर्षि कपिल है यहाँ पर सांख्य शब्द का अर्थ ज्ञान के अर्थ में लिया गया सांख्य दर्शन में प्रकृति पुरूष सृष्टि क्रम बन्धनों व मोक्ष कार्य - कारण सिद्धान्त का सविस्तार वर्णन किया गया है इसका संक्षेप में वर्णन इस प्रकार है। 1. प्रकृति-  सांख्य दर्शन में प्रकृति को त्रिगुण अर्थात सत्व, रज, तम तीन गुणों के सम्मिलित रूप को त्रिगुण की संज्ञा दी गयी है। सांख्य दर्शन में इन तीन गुणो कों सूक्ष्म तथा अतेनद्रिय माना गया सत्व गुणो का कार्य सुख रजोगुण का कार्य लोभ बताया गया सत्व गुण स्वच्छता एवं ज्ञान का प्रतीक है यह गुण उर्ध्वगमन करने वाला है। इसकी प्रबलता से पुरूष में सरलता प्रीति,अदा,सन्तोष एवं विवेक के सुखद भावो की उत्पत्ति होती है।    रजोगुण दुःख अथवा अशान्ति का प्रतीक है इसकी प्रबलता से पुरूष में मान, मद, वेष तथा क्रोध भाव उत्पन्न होते है।    तमोगुण दुख एवं अशान्ति का प्रतीक है यह गुण अधोगमन करने वाला है तथा इसकी प्रबलता से मोह की उत्पत्ति होती है इस मोह से पुरूष में निद्रा, प्रसाद, आलस्य, मुर्छा, अकर्मण्यता अथवा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते है सा...

Teaching Aptitude MCQs in Hindi with Answers (Set-5)

  1. शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य क्या है? A) छात्रों को अनुशासन में रखना B) छात्रों को परीक्षा में उत्तीर्ण कराना C) छात्रों में सतत अधिगम की प्रवृत्ति विकसित करना D) छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ाना ANSWER= (C) छात्रों में सतत अधिगम की प्रवृत्ति विकसित करना Check Answer   2. "ब्लूम टैक्सोनॉमी" के अनुसार संज्ञानात्मक क्षेत्र (Cognitive Domain) का उच्चतम स्तर कौन-सा है? A) स्मरण (Remembering) B) अनुप्रयोग (Applying) C) मूल्यांकन (Evaluating) D) सृजन (Creating) ANSWER= (D) सृजन (Creating) Check Answer   3. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में "फीडबैक" का मुख्य उद्देश्य क्या होता है? A) शिक्षण को सुधारना B) छात्रों का मूल्यांकन करना C) परीक्षा का आयोजन करना D) छात्रों को अनुशासन में रखना ANSWER= (A) शिक्षण को सुधारना Check Answer   4. शिक्षण में "नियमित सुदृढ़ीकरण" (Regular Reinforcement) का उद्देश्य क्या है? A) अनुशासन ...

योग का उद्देश्य | योग का महत्व

योग का उद्देश्य सभी भारतीय दर्शनो के मुख्य प्रतिपाद्य विषय के रूप में हेय, हेयहेतु, हान तथा हानोपाय इस चतुर्व्यूहवाद का ही वर्णन किया गया है। योगदर्शन का भी यही अभिमत है। अत: अन्य दर्शनो की भांति योगदर्शन का भी मुख्य उदेश्य दुःख निवृति ही है। पतंजलि अपने योगसूत्र के आरम्भ मे ही योग की पूर्णता की अवस्था का वर्णन करते हुए कहते हैं 'तदा द्रष्टुःस्वरूपेऴवस्थानम् अर्थात योग सिद्ध हो जाने पर द्रष्टा (आत्मा) अपने शुद्ध स्वरूप मे स्थित हो जाता है। यह स्थिति दुःखो की सम्पूर्ण निवृत्ति के उपरान्त ही प्राप्त होती है। दुःखो का कारण चित्त की विभिन्न वृतियां ही हैं, जिनके कारण चित्त अस्वाभाविक अवस्था मे बना रहता है तथा यथार्थ स्वरूप का ज्ञान कराने में असमर्थ रहता है। चित्तवृतियों के मूल में अविद्यादि क्लेश उपस्थित्त होते हैं, जिसके फलस्वरूप चित्त मे विभिन्न वृत्तियां बनी रहती हैं। इनके निवारण के उयायों के रूप में पतंजलि अभ्यास वैराग्य, ईश्वर प्रणिधान, क्रियायोग तथा अष्टांग योग का मुख्य रूप से वर्णत करते हैं। क्रियायोग का फल बताते हुए महर्षि पतंजलि कहते हैं ' समाधि भावनार्थः क्लेशतनूकरणार्थश्...

UGC NET Paper-1: ICT विषय पर MCQs for Practice (Set-4)

  1. किस सॉफ्टवेयर का उपयोग वीडियो संपादन के लिए किया जाता है? A) Adobe Photoshop B) Adobe Premiere Pro C) MS Word D) MS Excel ANSWER= (B) Adobe Premiere Pro Check Answer   2. किस भाषा का उपयोग वेब पेज डिज़ाइन में किया जाता है? A) Python B) Java C) HTML D) C++ ANSWER= (C) HTML Check Answer   3. "Cache Memory" का मुख्य कार्य क्या है? A) अस्थायी डेटा को स्टोर करना B) डेटा को सुरक्षित करना C) डेटा को बैकअप करना D) डेटा को स्थायी रूप से स्टोर करना ANSWER= (A) अस्थायी डेटा को स्टोर करना Check Answer   4. किस सॉफ्टवेयर का उपयोग ऑनलाइन वीडियो मीटिंग के लिए किया जाता है? A) WinRAR B) Zoom C) MS Word D) VLC Media Player ANSWER= (B) Zoom Check Answer   5. किस प्रोटोकॉल का उपयोग फ़ाइल ट्रांसफर के लिए किया जाता है? A) SMTP B) IP C) HTTP D) FTP ANSWER= (D) FTP ...

YOGA MCQ with Answers

  UGC NET YOGA: Previous Year Solved Paper UGC NET YOGA- These Junior Research Fellowship & Assistant Professor Eligibility exam held on 2019. Download UGC NET YOGA Solved MCQ in English. 1. What is the purpose of Samkhya Shastra? A. Klesha Nivaranam  B. Duiha Nivaranam C. Avidya Nivaranam  D. Samsar Nivaranam 2. What is the meaning of the word yoga in the First sutra of Patanjala Yoga Sutra according to Vyas Bhashya? A. Jivatma-Parmatma Yoga B. Karmashu Kaushalam C. Samadhi D. Moksha 3. What are the Purushartha Chatushtayas? Select the correct combination: A. Artha, Moksha, Dharma, Samsara B. Moksha, Jiva, Karma, Siddhi C. Sadhana, Vidya, Samapatti, Abhyas D. Dharma, Artha, Kama, Moksha 4. Who is the founder of Samkhya Darshan? A. Vedvyasa     B. Patanjali C. Kapil Muni   D. Atri 5. Which technique is mention for Brahma Anubhuti in Bhriguvalli according to Taittiriya Upanishad? A. Pranayam     B. Meditation C. Tapa   ...

ICT MCQs for UGC NET Paper-1 (Set-2)

  1. भारत सरकार की डिजिटल भुगतान पहल का नाम क्या है? A) Paytm B) Google Pay C) PhonePe D) UPI ANSWER= (D) UPI Check Answer   2. HTTPS में "S" का अर्थ क्या होता है? A) Server B) Secure C) System D) Speed ANSWER= (B) Secure Check Answer   3. ब्लूटूथ का उपयोग मुख्य रूप से किसके लिए किया जाता है? A) वॉयस कॉलिंग B) फाइल ट्रांसफर C) वायरलेस डेटा संचार D) उपरोक्त सभी ANSWER= (D) उपरोक्त सभी Check Answer   4. क्लाउड कंप्यूटिंग का मुख्य लाभ क्या है? A) डेटा सुरक्षा B) डेटा का ऑनलाइन संग्रहण C) लागत में कमी D) उपरोक्त सभी ANSWER= (D) उपरोक्त सभी Check Answer   5. किस सॉफ्टवेयर का उपयोग मल्टीमीडिया प्रस्तुति के लिए किया जाता है? A) MS Word B) MS PowerPoint C) MS Excel D) MS Access ANSWER= (B) MS PowerPoint Check Answer   6. USB का पूरा न...

Logical Reasoning MCQs with Answers (Set-1)

  1. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है, यदि "सभी पक्षी उड़ते हैं" कथन गलत है? A) कुछ पक्षी उड़ते हैं। B) कोई पक्षी नहीं उड़ता। C) सभी पक्षी नहीं उड़ते। D) कुछ पक्षी नहीं उड़ते। ANSWER= (D) कुछ पक्षी नहीं उड़ते। Check Answer   2. यदि कथन है: "सभी डॉक्टर ईमानदार हैं" और निष्कर्ष है: "कोई भी डॉक्टर बेईमान नहीं है", तो निष्कर्ष किस प्रकार का होगा? A) सत्य B) गलत C) संभव D) अनिश्चित ANSWER= (A) सत्य Check Answer   3. एक परीक्षा में राकेश का स्थान ऊपर से 12वां और नीचे से 18वां है। परीक्षा में कुल कितने छात्र हैं? A) 28 B) 29 C) 30 D) 31 ANSWER= (B) 29 Check Answer   4. एक पुरुष की ओर इशारा करते हुए एक महिला कहती है, "वह मेरे भाई के पिता का इकलौता पुत्र है।" पुरुष का महिला से क्या संबंध है? A) पिता B) भाई C) चाचा D) पुत्र ANSWER= (A) पिता Check Answer   5. यदि 'A...