Skip to main content

UGC NET JRF Yoga Important MCQ in Hindi

UGC NET JRF Yoga Important MCQ with Answers (set- 8)

नोट:- इस प्रश्नपत्र में (25) बहुसंकल्पीय प्रश्न है। प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक है। सभी प्रश्न अनिवार्य  

1. योग वशिष्ठ का सिद्धान्त कहलाता है :
(1) द्वैत           (2) अद्वैत
(3) द्वैताद्वैत  (4) विशिष्टाद्वैत

2. निम्नलिखित में से कौन-सा “चतर्व्यूह'' के अन्तर्गत आता है?
(1) वितर्क, विचार, आनन्द, अस्मिता
(2) ज्ञान, धर्म, ऐश्वर्य, वैराग्य
(3) मैत्री, करुणा, मुदिता, उपेक्षा
(4) ) हेय, हेयहेतु, हान, हानोपाय

3. महर्षि पतंजलि के अनुसार किनका संयोग दुःख का कारण है?
(1) दृष्टा और गुण   (2) दृष्ट और चित्त
(3) दृष्टा और दृश्य  (4) जीवात्मा और परमात्मा

4. हठ रत्नावली के अनुसार महायोग में शामिल हैं :
(a) मंत्र योग, लय योग
(b) कर्म योग, हठ योग
(c) हठ योग, राज योग
(d) ज्ञान योग, राज योग
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूट :
(1) (a) और (b) सही हैं   (2) (b) और (c) सही हैं
(3) (c) और (d) सही हैं   (4) (a) और (c) सही हैं

5. घरेण्ड संहिता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन अन्तःधौति के प्रकार नही हैं? .
(a) वहिसार धौति
(b) बहिष्कृत धौति
(c) वमन धौति
(d) दण्ड धौति
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूटः
(1) (a) और (d) सही हैं (2) (a) और (b) सही हैं
(3) (b) और (c) सही हैं (4) (c) और (d) सही हैं

6. शरीर की कौन-सी ग्रंथियां बहिःस्रावी हैं ?
(a) पीयूष
(b) यकृत
(c) लारग्रंथि
(d) थाइराइड
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूट:
(1) (a), (b) और (c) सही हैं (2) (b) (c) और (d) सही हैं
(3) (b) और (c) सही हैं        (4) (a) और (d) सही हैं

7. निम्नलिखित में से कौन श्वसन तंत्र के कार्य हैं?
(a) संवातन (वेंटिलेशन)
(b) दृष्टि
(c) प्राण प्रक्रिया
(d) ध्वनि उत्पन्न करना
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूट:
(1) (a) और (b) सही हैं      (2) (a) और (c) सही हैं
(3) (a), (c) और (d) सही हैं  (4) (a), (b) और (c) सही हैं

8. किसके अंतर्गत स्त्यान, संशय, अविरति, भ्रांति दर्शन को सम्मिलित किया जाता है?
(a) अन्तराय
(b) चित्तविक्षेप
(c) सहभुव
(d) उपविक्षेप
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूटः
(1) (b) और (c) सही हैं  (2) (a) और (b) सही हैं
(3) (a) और (d) सही हैं  (4) (a) और (c) सही हैं

9. पित्त प्रकृति वाले व्यक्तियों के लिए आहार के निम्नलिखित में से कौन-से प्रकार लाभदायक हैं?
(a) अम्ल
(b) मधुर
(c) कटु
(d) शीत
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूट :
(1) (b) और (d)  (2) (c) और (d)
(3) (b) और (c)  (4) (a) और (c)

10. आयुर्वेदिक ग्रन्थों के अनुसार बीमारियाँ मुख्य रूप से किस कारण होती हैं?
(a) दोष का असंतुलन
(b) प्रतिरोध क्षमता की हानि
(c) कुपोषण
(d) धातु का असंतुलन
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूट :
(1) (b) और (c) सही हैं
(2) (a) और (b)सही हैं
(3) (c) और (d) सही हैं    
(4) (a) और (d) सही हैं

11. किये गये शोध से प्राप्त साक्ष्य के अनुसार, रक्त चाप में कमी का किनसे संबंध है
(a) कैटेकोलामिन में कमी
(b) कैटेकोलामिन में वृद्धि
(c) कॉर्टिसोल में कमी
(d) कॉर्टिसोल में वृद्धि
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :  
कूट:
(1) (b) और (c)   (2) (a) और (c)
(3) (b) और (d)   (4) (a) और (d)

12. निम्नलिखित में से कौन-सा संतुलनात्मक आसन है?
(a) गरुड़ासन
(b) त्रिकोणासन  
(c) नटराजासन
(d) कटिचक्रासन
कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें :
कूट:
(1) (a) और (d)   (2) (c) और (d)
(3) (b) और (c)   (4) (a) और (c)

13. योग सूत्र के अध्यायों का सही क्रम चुनें :
(a) साधन पाद
(b) कैवल्य पाद
(c) समाधि पाद
(d) विभूति पाद
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (a), (c), (d), (b)  (2) (b), (a), (c), (d)
(3) (c), (a), (d), (b)  (4) (a), (c), (b), (d)

14. योग वशिष्ठ के अनुसार योग की निम्नलिखित अवस्थाओं को उचित क्रम में व्यवस्थित करें :
(a) विलापनी
(b) मनन
(c) ब्रह्मवित्‌
(d) श्रवण
(e) निदिध्यासन  
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (b), (e), (d), (a), (c)  (2) (b), (d), (e), (c), (a)
(3) (d), (b), (e), (a), (c)  (4) (d), (b), (e), (c), (a)

15. चित्त के निम्नलिखित चरणों को उचित क्रम में व्यवस्थित करें :
(a) विक्षिप्त
(b) एकाग्र  
(c) निरुद्ध
(d) क्षिप्त
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (a), (d), (b), (c)  (2) (d), (a), (b), (
c)
(3) (a), (d), (c), (b)  (4) (d), (a), (c), (b)

16. प्राणायाम के पूर्व अनुपालन करने हेतु घेरण्ड ऋषि द्वारा वर्णित निम्नलिखित अभ्यासों को उचित क्रम में व्यवस्थित करें :
(a) मिताहार
(b) काल
(c) नाडीशुद्धि
(d) स्थान
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (d), (b), (a), (c)  (2) (b), (d), (a), (c)
(3) (a), (b), (d), (c)  (4) (d), (b), (c), (a)

17. बड़ी आंत के निम्नलिखित भागों को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिये:
(
a) वृहदान्त्र
(
b) मलाशय
(
c) अन्धान्त्र
(
d) गुदा नलिका
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट :
(1) (a), (b), (c), (d)  (2) (a), (c), (b), (d)
(3) (c), (a), (b), (d)  (4) (a), (c), (d), (b)

18. निर्माण के आधार पर निम्नलिखित धातुओं को उचित क्रम में व्यवस्थित करें :
(a) मेद  
(b) अस्थि  
(c) मांस
(d) रक्‍त
(e) मज्जा
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट :
(1) (d), (a), (c), (b), (e)  (2) (d), (c), (a), (b), (e)
(3) (a), (c), (d), (e), (b)  (4) (c), (a), (d), (e), (b)

19. ऊपर से शुरू करते हुए प्राणिक शरीर के सही क्रम को चुनिये :
(a) प्राण
(b) उदान
(c) अपान
(d) समान
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (a), (c), (d), (b)  (2) (b), (a), (d), (c)
(3) (c), (a), (d), (b)  (4) (a), (c), (b), (d)

20. लघु शंखप्रक्षालन विधि के निम्नलिखित आसनों को उचित क्रम में व्यवस्थित करें :
(a) कटिचक्रासन
(b) ताड़ासन
(c) तिर्यक भुजंगासन
(d) उदराकर्षासन
(e) तिर्यक ताड़ासन
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (b), (e), (a), (c), (d)    (2) (e), (b), (c), (a), (d)
(3) (b), (e), (c), (a), (d)    (4) (e), (b), (a), (c), (d)

21. शिक्षण के चरणों के सही क्रम की पहचान करें :
(a) शिक्षण
(b) सन्धिगत व्यायाम
(c) अभ्यास
(d) मनबहलाव
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कृूट :
(1) (a), (c), (d), (b)  (2) (b), (a), (c), (d)
(3) (c), (a), (d), (b)  (4) (a), (c), (b), (d)

22. योग प्रशिक्षण में प्रस्तुतीकरण के सही क्रम की पहचान करें :
(a) प्रदर्शन
(b) मूल्यांकन
(c) स्पष्टीकरण
(d) चर्चा
सही उत्तर के लिए निम्नलिखित कूट का उपयोग करें :
कूट:
(1) (a), (c), (d), (b)  (2) (b), (a), (c), (d)
(3) (c), (a), (d), (b)  (4) (a), (c), (b), (d)

23. सूची- i को सूची- ii के साथ सुमेलित करें और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुए सही विकल्प चुनें :
(a) वेदना       (i) रूप
(b) आदर्श      (ii) गंध
(c) वार्ता        (iii) शब्द
(d) श्रवण       (iv) स्पर्श
कूट:
       (a)   (b)    (c)    (d)
(1)  (i)    (iv)   (iii)  (ii)
(2) (iv)    (i)    (ii)   (iii)
(3) (ii)    (iii)    (i)   (iv)
(4) (iii)    (ii)   (iv)   (i)

24. सूची- i को सूची- ii के साथ सुमेलित करें और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुए सही विकल्प चुनें :
(a) सत्य             (i) क्लेश
(b) तप              (ii) यम
(c) अभिनिवेश   (iii) चित्तवृति
(d) निद्रा            (iv) क्रियायोग
कूट:

    (a)   (b)   (c)   (d)
(1) (iv)   (ii)   (iii)   (i)
(2) (iii)   (ii)   (i)   (iv)
(3) (ii)   (iv)   (i)   (iii)
(4) (iv)   (iii)  (ii)    (i)

23. सूची- i को सूची- ii के साथ सुमेलित करें और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुए सही विकल्प चुनें :
(a) प्रमाण      (i) मिथ्या ज्ञान
(b) विकल्प    (ii) यथार्थ ज्ञान
(c) विपर्यय    (iii) विचारों का अभाव
(d) निद्रा        (iv) काल्पनिक ज्ञान
कूट:

   (a)  (b)   (c)   (d)
(1) (i)  (iii)   (ii)   (iv)
(2) (iv) (i)   (iii)   (ii)
(3) (ii)  (iv)  (i)   (iii)
(4) (ii)  (i)   (iv)  (iii)

 

Answer- 1- (2), 2- (4), 3- (3), 4- (4), 5- (4), 6- (3), 7- (3), 8- (2), 9- (4), 10- (4), 11- (2), 

12- (4), 13- (3), 14- (3), 15- (2), 16- (1), 17- (3), 18- (2), 19- (2), 20- (1), 21- (2), 22- (3), 

23- (2), 24- (3), 25- (3)

 

 To be continuous......  

Yoga MCQ

योग अध्ययन सामग्री

हठयोग

Comments

Popular posts from this blog

ऐतरेयें उपनिषद

ऐतरेयें उपनिषद (Aitareya upnishada) ऋग्वेदीय उपनिषद है। इस उपनिषद में तीन अध्याय हैं। पहले अध्याय को तीन, व दूसरे व तीसरे के 1-1 खंड हैं। ब्रह्मा विद्या प्रधान उपनिषद है। इस उपनिषद में सृष्टि प्रलय चक्र वर्णन। सृष्टि के प्रारम्भ में केवल आत्मा ही था। कर्म व कर्म समुचित ज्ञान का वर्णन है। साधक के लिए ग्रहस्थ आश्रम बाधक बताया है आत्मा की अवधारणा- (Concepts of Atama ) ऐतरेयें उपनिषद में प्रकृति, आत्मा, परमात्मा का वर्णन है। सृष्टि के आरंभ में आत्मा (परमात्मा) थे, उसमें सृष्टि की उत्पत्ति करने की इच्छा हुई फिर चार लोकों की उत्पत्ति हुई ये चार लोक हैं:- अम्भ / अरमस  =  धौ (सूर्य) , मरीची = अंतरिक्ष  , सर  = पृथ्वी , आपस = पानी (जल) केवल (ऐतरेय) उपनिषद के अनुसार विराट की उत्पत्ति जल से हुई। उस विराट पुरुष को तपाने से 8 लोकपाल की उत्पत्ति हुई। 8 लोकपाल भी जल से बने।  8 लोकपाल 1. अग्नि      =  मुख 2. वायु         = प्राण (नासिका में) 3. आदित्य   = आँखें 4. दिशाएँ     = का...

Yoga MCQs with Answers (Set-2)

  1. "योग" शब्द की उत्पत्ति किस मूल धातु से हुई है? A) यज B) युज C) युजिर D) याच ANSWER= (B) युज Check Answer   2. "त्राटक" किस प्रकार का अभ्यास है? A) आसन B) प्राणायाम C) ध्यान D) मुद्रा ANSWER= (C) ध्यान Check Answer   3. पतंजलि योगसूत्र के अनुसार योग के कितने अंग हैं? A) 5 B) 6 C) 7 D) 8 ANSWER= (D) 8 Check Answer   4. हठयोग प्रदीपिका के अनुसार, "बन्ध" का उद्देश्य क्या है? A) मानसिक शांति B) मांसपेशियों की मजबूती C) ऊर्जा का संरक्षण D) वजन घटाना ANSWER= (C) ऊर्जा का संरक्षण Check Answer   5. "योगनिद्रा" किस प्रकार का योग अभ्यास है? A) शिथिलीकरण तकनीक B) ध्यान तकनीक C) प्राणायाम D) शक्ति अभ्यास ANSWER= (A) शिथिलीकरण तकनीक Check Answer   6. "सूर्य नमस्कार" में कुल कितने आसन होते हैं? A) 10 B) 12 ...

सांख्य दर्शन परिचय, सांख्य दर्शन में वर्णित 25 तत्व

सांख्य दर्शन के प्रणेता महर्षि कपिल है यहाँ पर सांख्य शब्द का अर्थ ज्ञान के अर्थ में लिया गया सांख्य दर्शन में प्रकृति पुरूष सृष्टि क्रम बन्धनों व मोक्ष कार्य - कारण सिद्धान्त का सविस्तार वर्णन किया गया है इसका संक्षेप में वर्णन इस प्रकार है। 1. प्रकृति-  सांख्य दर्शन में प्रकृति को त्रिगुण अर्थात सत्व, रज, तम तीन गुणों के सम्मिलित रूप को त्रिगुण की संज्ञा दी गयी है। सांख्य दर्शन में इन तीन गुणो कों सूक्ष्म तथा अतेनद्रिय माना गया सत्व गुणो का कार्य सुख रजोगुण का कार्य लोभ बताया गया सत्व गुण स्वच्छता एवं ज्ञान का प्रतीक है यह गुण उर्ध्वगमन करने वाला है। इसकी प्रबलता से पुरूष में सरलता प्रीति,अदा,सन्तोष एवं विवेक के सुखद भावो की उत्पत्ति होती है।    रजोगुण दुःख अथवा अशान्ति का प्रतीक है इसकी प्रबलता से पुरूष में मान, मद, वेष तथा क्रोध भाव उत्पन्न होते है।    तमोगुण दुख एवं अशान्ति का प्रतीक है यह गुण अधोगमन करने वाला है तथा इसकी प्रबलता से मोह की उत्पत्ति होती है इस मोह से पुरूष में निद्रा, प्रसाद, आलस्य, मुर्छा, अकर्मण्यता अथवा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते है सा...

स्वामी कुवल्यानन्द का जीवन परिचय

स्वामी कुवल्यानन्द जी की जीवनी -  स्वामी कुवल्यानन्द जी का जन्म 30 अगस्त, 1883 को गुजरात के डमोई गांव में हुआ था। यह वह समय था जब भारतवर्ष में देशभक्ति की भावना व क्रान्ति का बिगुल बज रहा था, स्वामी कुवल्यानन्द जी को बचपन में जगन्नाथ गणेंश कहकर पुकारा जाता था। बचपन से ही स्वामी कुवलयानन्द का जीवन कठिन परिस्थितियों से भरा रहा। स्वामी जी अपने विद्यार्थी जीवन में एक मेधावी व कुशाग्र बुद्धि वाले छात्र के रूप में जाने जाते थे। विद्यार्थी जीवन से ही ये देशभक्ति और भारतीय संस्कृति से अत्यन्त प्रभावित थे। इसी कारण वे लोकमान्य तिलक तथा श्री अरविन्द जैसी महान विभूतियों से प्रभावित रहे। एक बार तो विद्यार्थी जीवन छोड़ वे स्वतन्त्रता आन्दोलन में ही कूद पड़े लेकिन सहयोगियों और शुभचिन्तकों के समझाने पर पुनः अपनी शिक्षा जारी रखी। 1903 में उन्होंने मैट्रिक परीक्षा पास कर संस्कृत छात्रवृत्ति भी प्राप्त की। 1907 से 1910 के मध्य स्वामी जी ने शारीरिक शिक्षा के विषय का गहन अध्ययन किया और इस विषय के भारतीय पहलु को भी जाना। 1919 में मालसर के परमहंस माधवदास जी महाराज के संपर्क में आये, जिनसे स्वामी जी ने ...

मांडूक्य उपनिषद

मांडूक्य उपनिषद (Mandukya upanishad) यह उपनिषद अथर्ववेद के ब्रह्म भाग से संबंधित है। इस उपनिषद में ओंकार की व्याख्या तथा उसकी उपासना के फल का वर्णन किया गया है। मांडूक्य उपनिषद दस उपनिषदों में सबसे छोटा है। इस उपनिषद में कुल 12 मंत्र है। यह उपनिषद अवांतर गद्यात्मक  (संवादात्मक) भ।षा शैली में है। मुख्य विषय-  चेतना की चार अवस्थाएं, इनका ओंकार से क्या सम्बन्ध है मांडूक्य उपनिषद में परमात्मा के 'साकार' व 'निराकार' दोनों रूपों की उपासना का वर्णन है। ब्रह्मा व आत्मा को 4 चरणों वाला बताया गया है- स्थूल, सूक्ष्म, कारण व अवयक्त। ईश्वर को 'वैश्वानर' कहा गया है। शरीर व ब्रह्मा में समानता बताई है। ओमकार की मात्राएँ- ऊ = अ + उ + म मत्राएँ हैं। चेतना की अवस्थाएं- चेतना की चार अवस्थाएँ हैं: 1. जागृत     2. स्वप्न     3. सुषुप्ति    4. तुरीय  1. जागृत अवस्था- इसकी मात्रा 'अ' से है। यह शरीर “वैश्वनार' होता है। इसमें चेतना बर्हिप्रज्ञ होती है।शरीर के 7 अंग है व 19 मुख होते हैं। इसमें स्थूल 'मुक' कहलाता है। 2. स्वप्न अवस्था- इसकी म...

Meaning of Gayatri Mantra in Hindi

   गायत्री- मन्त्र  का अर्थ (हिन्दी में)                                        गायत्री-मन्त्र         ओउम्‌ भूर्भुवः स्व: । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गों देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्‌ ॥            (१) ओंकार की तीन मात्राएँ- - अकार, उकार, मकार और चौथा अमात्र विराम ।   अकार -- एक मात्रा वाले विराट्‌ जो स्थूल जगत के सम्बन्ध से परमात्मा का नाम है। फल-- पाँचों स्थूल भूतों और उनसे बने हुए पदार्थोको आत्मोन्नति में बाधक होने से हटाकर साधक बनाने वाला अपने विराट रूप के साथ स्थूल जगत्‌ के ऐश्वर्य का उपभोग कराने वाला। उकार-- दो मात्रा वाले हिरण्यगर्भ जो सूक्ष्म जगत्‌ में सम्बन्धसे परमात्माका नाम है। फल-- पाँचों स्थूल-सूक्ष्म भूतों और अहंकार आदि को आत्मोन्नति में बाधक होने से हटाकर साधक बनाने वाला, अप...

पंचतत्वों का मानव शरीर पर प्रभाव व महत्व

पंचतत्वों का मानव शरीर पर प्रभाव व महत्व Effect and importance of Panchatatva on human body छिती जल पावक गगन समीरा, पंचतत्व रचित अधम सरीरा।। अर्थात पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से हमारा (भौतिक) शरीर बना है। इनमें केवल चार ही तत्व पृथ्वी, जल अग्नि और वायु हमारे भोजन की कोटि में आते हैं। रस, रक्त, मांस, भेद, अस्थि, मज्जा, एवं शुक्र इन सात धातुओं से मिलकर बने शरीर को हम देह कहते हैं। या स्थूल शरीर कहते हैं। आकाश, वायु, अग्नि जल और पृथ्वी ये सूक्ष्म भूत हैं। ये सूक्ष्म महाभूत मिलकर ही हमारे शरीर का निर्माण करते हैं ये पाँच तत्व जब प्रकृति में अलग रहते हैं तो सूक्ष्म होने के नाते अति शक्तिशाली होते हैं परन्तु जब वह स्थूल हो जाते हैं तो अपेक्षाकृत कम शक्तिशाली होते हैं। प्रकृति एवं हम में समान तत्व होने पर भी प्राकृतिक हमसे कई ज्यादा शक्तिशाली होती है। अतः हमें प्राकृति एवं उसमें पाए जाने वाले तत्वों में सामंजस्य स्थापित करना आना चाहिए तभी हम अपने अन्दर अधिक शक्ति का विकास कर पायेंगे।   आकाश तत्व का मानव शरीर पर प्रभाव व महत्व:- Effect and importance of sky element on human body...

UGC NET Paper-1: ICT विषय पर MCQs for Practice (Set-4)

  1. किस सॉफ्टवेयर का उपयोग वीडियो संपादन के लिए किया जाता है? A) Adobe Photoshop B) Adobe Premiere Pro C) MS Word D) MS Excel ANSWER= (B) Adobe Premiere Pro Check Answer   2. किस भाषा का उपयोग वेब पेज डिज़ाइन में किया जाता है? A) Python B) Java C) HTML D) C++ ANSWER= (C) HTML Check Answer   3. "Cache Memory" का मुख्य कार्य क्या है? A) अस्थायी डेटा को स्टोर करना B) डेटा को सुरक्षित करना C) डेटा को बैकअप करना D) डेटा को स्थायी रूप से स्टोर करना ANSWER= (A) अस्थायी डेटा को स्टोर करना Check Answer   4. किस सॉफ्टवेयर का उपयोग ऑनलाइन वीडियो मीटिंग के लिए किया जाता है? A) WinRAR B) Zoom C) MS Word D) VLC Media Player ANSWER= (B) Zoom Check Answer   5. किस प्रोटोकॉल का उपयोग फ़ाइल ट्रांसफर के लिए किया जाता है? A) SMTP B) IP C) HTTP D) FTP ANSWER= (D) FTP ...

ज्ञानयोग - ज्ञानयोग के साधन - बहिरंग साधन , अन्तरंग साधन

  ज्ञान व विज्ञान की धारायें वेदों में व्याप्त है । वेद का अर्थ ज्ञान के रूप मे लेते है ‘ज्ञान’ अर्थात जिससे व्यष्टि व समष्टि के वास्तविक स्वरूप का बोध होता है। ज्ञान, विद् धातु से व्युत्पन्न शब्द है जिसका अर्थ किसी भी विषय, पदार्थ आदि को जानना या अनुभव करना होता है। ज्ञान की विशेषता व महत्त्व के विषय में बतलाते हुए कहा गया है "ज्ञानाग्नि सर्वकर्माणि भस्मसात्कुरुते तथा" अर्थात जिस प्रकार प्रज्वलित अग्नि ईंधन को जलाकर भस्म कर देती है उसी प्रकार ज्ञान रुपी अग्नि कर्म रूपी ईंधन को भस्म कर देती है। ज्ञानयोग साधना पद्धति, ज्ञान पर आधारित होती है इसीलिए इसको ज्ञानयोग की संज्ञा दी गयी है। ज्ञानयोग पद्धति मे योग का बौद्धिक और दार्शनिक पक्ष समाहित होता है। ज्ञानयोग 'ब्रहासत्यं जगतमिथ्या' के सिद्धान्त के आधार पर संसार में रह कर भी अपने ब्रह्मभाव को जानने का प्रयास करने की विधि है। जब साधक स्वयं को ईश्वर (ब्रहा) के रूप ने जान लेता है 'अहं ब्रह्मास्मि’ का बोध होते ही वह बंधनमुक्त हो जाता है। उपनिषद मुख्यतया इसी ज्ञान का स्रोत हैं। ज्ञानयोग साधना में अभीष्ट लक्ष्य को प्राप्त ...

MCQs on Teaching Aptitude with Answers (Set-6)

  1. शिक्षण में "आधिकारिक मॉडल" (Authoritarian Model) का मुख्य तत्व क्या है? A) लोकतांत्रिक वातावरण B) शिक्षक का कठोर अनुशासन C) छात्रों की भागीदारी D) रचनात्मक स्वतंत्रता ANSWER= (B) शिक्षक का कठोर अनुशासन Check Answer   2. शिक्षण में "विषयवस्तु-केन्द्रित दृष्टिकोण" (Content-Centred Approach) का मुख्य उद्देश्य क्या है? A) पाठ्यक्रम को पूरा करना B) छात्रों के कौशल का विकास C) परीक्षा परिणाम सुधारना D) छात्रों की संज्ञानात्मक क्षमता विकसित करना ANSWER= (A) पाठ्यक्रम को पूरा करना Check Answer   3. शिक्षण में "मैनेजेरियल रोल" का तात्पर्य क्या है? A) छात्रों का मार्गदर्शन B) कक्षा का प्रबंधन C) पाठ्यक्रम का निर्धारण D) मूल्यांकन करना ANSWER= (B) कक्षा का प्रबंधन Check Answer   4. शिक्षण में "बाधा रहित अधिगम" (Unhindered Learning) का अर्थ क्या है? A) बिना नियम के पढ़ाई B) नियमित मूल्यांकन के बिना पढ़ाई ...